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Wednesday, February 29, 2012

Tum Ho.. Tum Ho... Tum Ho....

I should say,
I'm not the one,
For the simple reason I've never won.

I don't know,
But I'll like to cry,
For the things just happend by.

You don't feel that's happening to you,
I'm the only one among the few.

Things are tough but hard to forget,
Too many reasons, I never get.

For the sake of us,
For the state of mine,
I've the only word's,
Which I would confine.

I say that ' I Love You ' ,
I say that ' You're the One ' ,
I say that ' I Believe You ' ,
I say that ' It's Almost Done ' ,

Tumse Sajan Barsa Dil Ka Armaan,
Tumse Sajan Mujhme Hosh Kahan,
Tumse Sajan Gum Hai Sara Jahan,

Tum Ho,
Tum Ho,
Tum Ho..............






Main Kahan Hosh Mein.....

अब के जिंदा रहूँ ,
याँ कुछ कर जाऊं ,
मैं कहाँ होश मैं हूँ ,
जो कुछ कर जाऊं |

होश आता तो पूछ लेता खुद से ,
अब मैं जीयूं ज़रा याँ मर जाऊं ,
मैं कहाँ होश मैं हूँ ,
जो कुछ कर जाऊं |

दूर से देखती रही तू मुझे वरना ,
तू अगर ठहरती ज़रा , तो चल जाऊं ,
मैं कहाँ होश मैं हूँ ,
जो कुछ कर जाऊं |

खुछ रहे वोह जो संभल गए थे ज़रा ,
मैं कहाँ ख़त्म हूँ , जो जल जाऊं ,
अब के जिंदा रहूँ ,
याँ कुछ कर जाऊं ,
मैं कहाँ होश मैं हूँ ,
जो कुछ कर जाऊं |

मुझको बर्बाद कर रही थी तू ,
वरना क्या बात थी जो दर जाऊं ,
मैं कहाँ होश मैं हूँ ,
जो कुछ कर जाऊं |

मुझको पीने का कहाँ शौक रहा ,
बस एक हक - - अदा सा कर जाऊं ,
मैं कहाँ होश मैं हूँ ,
जो कुछ कर जाऊं |

तुने रोका होता तो ठहर जाते ज़रा,
तुने रोका ही नहीं , तो क्यूँ ठहर जाऊं ,
मैं कहाँ होश मैं हूँ ,
जो कुछ कर जाऊं |

अब मैं जीयूं ज़रा याँ मर जाऊं ,
मैं कहाँ होश मैं हूँ ,
जो कुछ कर जाऊं |

Saturday, February 18, 2012

Mere Paas Bhi ......

मेरे पास भी उसकी खरीदी हुई कुछ चीज़ें थी ,
सोचता हूँ अब मैं उनका क्या करूँ ,
फेक्दूं उसे यां संभाल्लूँ उसे,
सोचता हूँ एसे ख़याल का अब क्या करूँ

एसे चीज़ों के कोई मोल नहीं होते हैं ,
देते वक़्त जुबां पर कोई बोल नहीं होते हैं ,
खरीदते हैं हम उन्हें पैसों से मगर,
अब अगर कोई बेचता है तो क्या करूँ  

संभाल कर रखता हूँ उन चीज़ों को मैं ,
जी नहीं चाहता है पर क्या करूँ,
जब तुम्हे मेरी ही ज़रुरत नहीं ,
सोचता हूँ अब इन नतीजों का क्या करूँ